देशभर में मंगलवार को दशहरे की धूम है। देश के अलग-अलग शहरों में बुराई पर अच्छाई की जीत के प्रतीक रावण दहन के भव्य आयोजन किए जा रहे हैं। देशभर में विजयादशमी का त्योहार धूमधाम से मनाया जा रहा है। इसी क्रम में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने मंगलवार को दिल्ली के द्वारका सेक्टर-10 में दशहरा महोत्सव में भाग लिया। राष्ट्रपति मुर्मू ने श्री राम लीला कमिटी मैदान में दशहरा समारोह में रावण के पुतले पर प्रतीकात्मक तीर चलाकर रावण दहन किया। उन्होंने इस दौरान कहा कि प्रभु श्रीराम धर्म, सत्य और नैतिक आचरण के आदर्श स्वरूप हैं।
दशहरा धर्म और न्याय की जीत का प्रतीक- राष्ट्रपति
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा- "दशहरा के त्योहार पर मैं सभी देशवासियों को हार्दिक बधाई देती हूं। दशहरा का यह त्योहार अधर्म और अन्याय पर धर्म और न्याय की जीत का प्रतीक है। भगवान श्री राम को धर्म और नैतिक आचरण की साक्षात प्रतिमूर्ति माना जाता है। दशहरा के अवसर पर, देश-विदेश में कई जगहों पर आयोजित होने वाली 'रामलीला' के माध्यम से, लोगों को भगवान राम की कथा में निहित महान आदर्शों की याद दिलाई जाती है।"
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा- "प्रकृति के सम्मान की हमारी महान भारतीय परंपरा हमारे संविधान में भी झलकती है। संविधान में बताए गए नागरिकों के मूल कर्तव्यों में नदियों, झीलों, वनों और वन्यजीवों की रक्षा और संरक्षण शामिल है। मुझे यह देखकर बहुत खुशी होती है कि आज का भारत, भगवान राम की कथा में दर्शाए गए समानता और समावेशिता के आदर्शों के अनुरूप आगे बढ़ रहा है।" बता दें कि मंगलवार को पीएम मोदी ने भी पूर्वी दिल्ली के आईपी एक्सटेंशन में दशहरा समारोह में हिस्सा लिया। पीएम मोदी ने इस दौरान कहा कि हमें मां भारती के शत्रुओं को पहचानना होगा और उन्हें साथ मिलकर हराना होगा।
CM रेखा भी रहीं मौजूद
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के साथ इस कार्यक्रम में दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता भी मौजूद रहीं। सीएम रेखा गुप्ता ने कहा- "माननीय राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु जी की गरिमामयी उपस्थिति में द्वारका श्री रामलीला द्वारा आयोजित विजयदशमी महोत्सव में सम्मिलित होने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। प्रभु श्रीराम के हाथों रावण का वध अधर्म, अत्याचार और अहंकार के अंत का शाश्वत उद्घोष है। जब-जब अधर्म ने मर्यादा को चुनौती दी है, तब-तब धर्म की शक्ति ने उसका विनाश किया है। विजयदशमी का यह पावन पर्व हमें प्रभु श्रीराम के आदर्शों पर चलते हुए अधर्म और अन्याय के विरुद्ध अडिग रहने की प्रेरणा देता है। मर्यादा पुरुषोत्तम प्रभु श्रीराम की कृपा समस्त दिल्लीवासियों पर बनी रहे। उनके आशीर्वाद से हर घर में सुख, शांति और समृद्धि का वास हो तथा सभी को धर्म और सदाचार के मार्ग पर चलने की शक्ति मिले। जय श्रीराम! जय-जय सियाराम।"
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